
नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी पांच मैचों की वनडे सीरीज का चौथा मुकाबला मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को चार विकेट से हरा दिया। इस जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की सीरीज में अब 2-2 से बराबरी हासिल कर ली है। इस मैच में आखिरी के ओवरों में भारतीय टीम को पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कमी खली। दरअसल जब धोनी टीम में होते हैं तो आखिरी के ओवरों में कोहली बॉउंड्री के पास फील्डिंग करना शुरू कर देते हैं और धोनी सब संभल लेते हैं। लेकिन रविवार को ऐसा नहीं हो सका। कोहली को डीप में फील्डिंग करने का मौका नहीं मिला जिसके चलते भारत को हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं धोनी जब टीम में होते हैं तो वे गेंदबाजी से लेकर हर चीज़ का ध्यान रखते हैं। धोनी विकेट के पीछे से स्पिन गेंदबाजों की काफी मदद करते हैं। ये बात कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में खुद स्वीकार की थी जब उन्होंने कहा था जब माही भाई होते हैं तो हमेशा बीच में शांति होती है, हमारी योजनाएं भी स्पष्ट होती है। लेकिन जब धोनी टीम में नहीं होते है और चीजें प्लान के हिसाब से नहीं जाती तो कोहली कई बार परेशान और कंफ्यूज नजर आते हैं। कोहली की वनडे की कप्तानी की धोनी के टेस्ट की कप्तानी के अंतिम दिनों से तुलना की जा सकती है। उस्मान ख्वाजा को आउट करने के बाद जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी से हटाने के कोहली के फैसले को और क्या समझा जाएगा। ख्वाजा जब आउट हुए वह बुमराह का छठा ओवर था और हालांकि उस ओवर में ग्लेन मैक्सवेल ने उन्हें एक-दो चौके लगाए थे। लेकिन अगर बुमराह एक ओवर और डालते और विकेट ले लेते तो भारत ऑस्ट्रेलिया पर दवाब बना देता। ऐसा नहीं करने से दोनों बल्लेबाजों ने जल्द 25 रनों की साझेदारी कर ली और मैच में पकड़ बना ली। कोहली ने बुमराह को हटा स्पिनर लगा दिया और उसके बाद भुवनेश्वर को गेंदबाजी दी। जब तक बुमराह अपने तीसरे स्पैल के लिए लौटे तब तक ऑस्ट्रेलिया ने मैच में पकड़ और एश्टन टर्नर कुछ गंभीर रूप ले चुके थे। इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 358 रनों का विशाल स्कोर बनाया था, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 47.5 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए पीटर हैंड्सकोंब (117) उस्मान ख्वाजा (91) और एश्टन टर्नर (नाबाद 84) ने शानदार पारी खेली। वहीं भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने तीन और भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव तथा युजवेंद्र चहल ने एक-एक विकेट लिया। इससे पहले, शिखर धवन (143) और रोहित शर्मा (95) के बीच पहले विकेट के लिए हुई 193 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 359 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। ऑस्ट्रेलिया के लिए कमिंस ने पांच विकेट लिए, जो उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। रिचर्डसन ने तीन और एडम जम्पा ने एक विकेट लिया।