रोहित शर्मा. अलवर. शहर में एक वर्ष पहले एंटी रोमियो स्कवायड की तर्ज पर महिलाओं की सुरक्षा हेतु निर्भया फोर्स प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया था। इसके तहत ६ टीम बनाई गई थी और टीम की सदस्या महिला पुलिसकर्मियों को सुबह-शाम कॉलेज, स्कूल और शहर के भीड़ भाड़ वाले इलाकों पर नजर रखनी होती थी परंतु आज उन्हें देखना सा दुलर्भ हो गया है। शहर में निर्भया फोर्स के लिए नियुक्त हुई लेडी पुलिसकर्मी कहीं नजर नहीं आती। कॉस्टेबल को आधुनिक डंडे और २४ घंटे कंट्रोल रूम से कनेक्ट वायरलेस भी दिया गया था जिससे मनचलों पर लगाम कसी जा सके परंतु आज हालत यह है कि मनचले तो जगह-जगह है परंतु उनकी हरकतों को रोकने के लिए निर्भया जैसी स्कीम लुप्त हो गई है। गौरी देवी महाविद्यालय की स्टूडेंट्स के अनुसार कॉलेज सत्र शुरू होने के एक माह बाद तक कॉलेज के आस-पास महिला स्कवायड कहीं नहीं होती जबकि इस समय चुनाव का माहौल है, एडमिशन भी हुए ऐसे में लड़कियों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाना चाहिए परंतु पुलिस विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
