वहीं अर्थव्यवस्था में जारी सुस्ती, यूएस-चाइना ट्रेड वॉर, कमजोर इन्वेस्टर्स सेंटीमेंट और फॉरेन इन्वेस्टर्स द्वारा फंड की निकासी से बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालांकि इसके बावजूद आईपीओ की अच्छी डिमांड है। इस साल के अब तक के आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि लिस्टेड कंपनियों में से 70 फीसदी के शेयर इश्यू प्राइस से ऊपर कारोबार कर रहे हैं और इन शेयरों से इन्वेस्टर्स को 95 फीसद तक रिटर्न मिला है।
इन शेयरों ने अच्छा दिया रिटर्न
इंडिया मार्ट इंटेर मेश जुलाई में लिस्टेड हुआ था, उसके शेयर में इश्यू प्राइस के मुकाबले बॉम्बे स्टॉक मार्केट में सबसे ज्यादा 95 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है और दूसरे नंबर पर आता है नियोजेन केमिकल्स। इसके शेयर में 76 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं एफल लिमिटेड (इंडिया) से इन्वेस्टर्स को 49 फीसद और मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर से 40 फीसद रिटर्न मिला है। इसके अलावा पॉलिकेब इंडिया का आईपीओ इश्यू प्राइस के मुकाबले 24 फीसद, रेल विकास निगम लिमिटेड का 21 फीसद, शैलेट होटल्स का 12 फीसद और स्पंदन स्फूर्ति फाइनेंशियल का 7 फीसद मजबूत हुआ है।
तीन कंपनियों ने निवेशकों को किया निराश
वहीं तीन कंपनियों ने निवेशकों को निराश किया है, इनसे अच्छा रिटर्न नहीं मिला। इनमें एमएसटीसी, स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर और जेल्पमॉक डिजाइन एंड टेक शामिल हैं। अच्छे मूल्य वाले आईपीओ ने इन्वेस्टर्स को अच्छा रिटर्न दिया है।