नई दिल्ली. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों को लेकर चल रही खींचतान खत्म हो गई है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच दिल्ली में हुई बैठक के बाद सीट बंटवारे को लेकर फैसला हो गया है। एक ओर जहां अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच मुलाकात हो रही थी तो वहीं इसके कुछ देर बाद राष्ट्रीय जनता दल राजद के नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और केंद्र सरकार में मंत्री और आरएलएसपी नेता उपेंद्र कुशवाहा के बीच मुलाकात हुई। उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात के बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कुशवाहा का एनडीए में अपमान हो रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में क्या चर्चा हुई इसकी जानकारी समय के साथ आ जाएगी। तेजस्वी ने कुशवाहा को महागठबंधन में आने का एक बार फिर न्योता दिया। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में शामिल हों। तेजस्वी ने यह बयान अमित शाह के उस बयान के जवाब में दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाह हमारे साथ हैं और अगर कोई नया साथी गठबंधन में शमिल हुआ तो भी उसका स्वागत है। तेजस्वी से मुलाकात के बाद कुशवाहा ने कहा कि ये संयोग है कि मुलाकात हो गई। दोनों की ये मुलाकात अरवल सर्किट हाउस में हुई। उन्होंने कहा कि वो भी सर्किट हाउस में रुके थे और मैं भी यहां आया था। कुशवाहा ने कहा कि वह अभी भी एनडीए में हैं और इनके तेजस्वी ऑफर का कोई मतलब नहीं है। वहीं सूत्रों के मुताबिक बीजेपी और जेडीयू दो फार्मूलों पर काम कर रही है। पहला फार्मूला यह है कि अगर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी एनडीए के साथ बनी रहती है तो बीजेपी और जेडीयू 16.16 सीटों पर लड़ेंगी। रामविलास पासवान की पार्टी 6 सीट और आरएलएसपी 2 सीट पर लड़ सकती है। वहीं अगर कुशवाहा एनडीए से अलग होते हैं तो बीजेपी और जेडीयू 17.17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी जबकि लोकजनशक्ति पार्टी 6 सीट पर लड़ेगी। सूत्रों के मुताबिक इस पर भी चर्चा हो रही है कि रामविलास पासवान को अगले साल असम से राज्यसभा के लिए भेज दिया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो एलजेपी 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और एक सीट अरुण कुमार को दे दी जाएगी। बता दें कि अरुण कुमार हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा से अलग हुए हैं।
