जयपुर। दीक्षा के 26 साल पूरे कर चुकीं मुक्तांजना श्रीजी का चातुर्मास इस बार शहर में महावीर बाग में चल रहा है। 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने दीक्षा ली थी, जिसके बाद से वे साध्वी जीवन बिता रही हैं। वे अब तक 50 हजार किमी से ज्यादा पैदल यात्रा कर चुकी हैं। वे जोधपुर, सूरत, अहमदाबाद, पाली व अन्य जगह चातुर्मास कर चुकी हैं। दीक्षा लेने के बाद उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की। वह साध्वी वेश में ही परीक्षा देने जाती थीं।
