यमुनानगर. डिजिटल डोंगल के वायरस व तकनीकी खामियों के चलते जिले के कई स्कूलों के अध्यापकों का वेतन अटका पड़ा है। सरकार की ओर से शिक्षकों का बजट भी जारी हो चुका है लेकिन उन्हें फिर भी वेतन नहीं मिल पा रहा है। शिक्षक नेता महेंद्र सिंह कलेर ने कहा कि इस गर्मियों की छुट्टियों में हर किसी का खर्चा अधिक होता है, साथ ही पहले ही कई तरह की प्लानिंग बनाई होती है। रेलवे की बुकिंग हो या अन्य किसी भी प्रकार की योजना, घर के खर्च की बात हो या बच्चों की फीस आदि, समय पर वेतन न मिलने से कई कर्मचारियों का मासिक बजट बिगड़ रहा है। साथ ही जिन अध्यापकों ने बैंकों से लोन आदि लिए हुए हैं, उनके ऊपर पैनल्टी की मार पड़ रही है। आपकों बता दें कि डीडीओ रावमावि माॅडल कालोनी के अंर्तगत आने वाले स्कूलों के अध्यापकों को वेतन नहीं मिला है। शिक्षकों ने मांग कि है हर माह का वेतन एक तारीख को अध्यापकों के खातों में होना चाहिए।
डिजिटल डोंगल में वायरस के कारण शिक्षकों काे मई माह का वेतन नहीं मिला है। जून में गर्मियाें की छुट्टियां होने के कारण जहां अध्यापकों ने हिल्स स्टेशन पर घूमने व परिवार के साथ बाहर जाने का प्रोग्राम बनाया था, उस पर डिजिटल डोंगल के वायरस ने पानी फेर दिया है।
क्या कहते हैं प्रधानाचार्य
राजकीय वमावि माॅडल कालोनी के प्रधानाचार्य रामप्रकाश ने बताया कि डिजिटल डोंगल में वायरस के कारण दिक्कत आ रही है, समस्या के समाधान के लिए डिजिटल डोंगल को चैक करवाया जा रहा है। उधर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय वर्कशाप के प्रधानाचार्य सुशील गुलाटी ने बताया कि उनके स्कूल में 26-27 का स्टाफ है लेकिन चार-पांच अध्यापकों का ही वेतन निकल पाया है। डिजिटल डोंगल में या तो वायरस आया है या कोई अन्य तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या आ रही है। एक कर्मचारी को चंडीगढ़ भेज दिया गया है ताकि जल्द से जल्द अध्यापकों का वेतन निकलवाया जा सके।
