नई दिल्ली. सट्टा बाजार में आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुआई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रचंड जीत और केंद्र में लगातार दूसरी बार उसकी सरकार बनने की उम्मीद की जा रही है। सट्टा बाजार के सूत्रों के मुताबिक 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में वायुसेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भाजपा की संभावनाएं बढ़ गई हैं। पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिए वायुसेना के विमानों ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। वायुसेना की सर्जिकल स्ट्राइक से पहले सट्टेबाज आम चुनावों में भाजपा को 200-230 सीटें मिलने की उम्मीद कर रहे थे और एक पर एक का भाव दे रहे थे। यानी जीतने पर एक रुपये के सट्टे पर एक रुपये का भाव दिया जा रहा था। लेकिन अब भाजपा को इन चुनावों में 245 से 251 और राजग को 300 से अधिक सीटें मिलने की उम्मीद की जा रही है। पुलवामा हमले से पहले कांग्रेस की 200 या उससे अधिक सीटें जीतने की संभावना पर 7:1 का भाव दिया जा रहा था। यानी जीतने पर एक रुपये के सट्टे पर सात रुपये का भाव दिया जा रहा था। लेकिन अब यह भाव 10:1 हो गया है। सट्टा बाजार में चुनावों पर भाव लगाने की गति पहले बहुत कम थी लेकिन चुनावों की तारीख का ऐलान होने के बाद इसमें तेजी आ गई है। लोक सभा चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई के बीच सात चरणों में संपन्न होंगे। मतगणना 23 मई को होगी और इसी दिन सट्टा बाजार में सौदों का निपटान होगा। वायुसेना की सर्जिकल स्ट्राइक ने आतंकवाद से निपटने में सरकार की रणनीति में फिर से भरोसा कायम किया है। चुनावों नतीजों पर लगने वाला सट्टा भी क्रिकेट पर लगने वाले सट्टे या इक्विटी और जिंसों में होने वाले डब्बा सौदों की तरह है। राजस्थान के फलोदी को चुनावी सट्टे का गढ़ माना जाता है और मुंबई और दिल्ली जैसे प्रमुख बाजार भी इसी आधार पर चलते हैं। हालांकि अभी चुनावी सट्टे के बारे में ज्यादा आंकड़े नहीं आए हैं लेकिन सट्टेबाजों का कहना है कि राज्यों और लोक सभा क्षेत्रों पर भी दांव लगाया जा रहा है। सट्टेबाजों का कहना है कि अगर कांग्रेस प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करती है तो उसकी स्थिति बेहतर हो सकती है। अगर प्रियंका वाड्रा को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाता है तो कुछ वोट कांग्रेस की तरफ जा सकते हैं।
