जयपुर। उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने घोषणा की है कि रीको के नवविकसित औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्डों की कीमत को क्षेत्रानुसार 20 से 30 प्रतिशत तक कम किया जा रहा हैं वहीें रीको भूखण्डों की खरीद पर 75 प्रतिशत राशि तक का ऋण रीको द्वारा उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके साथ ही रीको औद्योगिक क्षेत्रों की भूमि के मूल्यांकन, परीक्षण और सीमांकन के लिए ड्रोन सर्वे करवाया जाएगा। रीको औद्योगिक क्षेत्रों में पानी, सड़क, बिजली, डंपिंग व्यवस्था दुरुस्त होगी।
उद्योग लगेंगे तो आर्थिक विकास को मिलेगी गति
उद्योग मंत्री मीणा गुरुवार को उद्योग भवन में एसीएस उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल व रीको एमडी आशुतोष पेडनेकर के साथ रीको के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रदेश में औद्योगिक निवेश के प्रति गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि नई औद्योगिक विकास नीति के साथ ही राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना में पहलीबार सरकार द्वारा खुले दिल से सहायता प्रावधान घोषित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग लगेंगे तो आर्थिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे।
रीको में ई ऑक्सन शुरु कर दिया
मीणा ने कहा कि रीको की भूखण्ड आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी करते हुए ई ऑक्सन शुरु कर दिया (Started e auction in rico) गया है। उन्होंने नाथद्वारा के बगड़ में टायल्स उद्योगों की स्थापना के लिए गैस की उपलब्धता के लिए समन्वय के निर्देश दिए ताकि गुजरात के मोरवी के स्थान पर राजस्थान में ही टायल्स उद्योग विकसित किया जा सके। उन्होंने भीलवाड़ा, कोटा, भिवाड़ी सहित प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में गैस उपलब्ध कराने के लिए ठोस प्रयास व समन्वय के निर्देश दिए। इसके साथ ही गैस की पाइप लाइन के पास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने को कहा। इससे उद्योगाें को सस्ती उर्जा मिल सकेगी वहीं एनजीटी की तलवार भी नहीं लटकेगी और प्रदूषण भी नहीं होगा। उन्होंने राजसमंद में रीको अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश दिए।