जयपुर. ग्लोबल फार्मा कंपनी लुपिन लिमिटेड (Global Pharma Company Lupin Ltd) की सीएसआर शाखा, लुपिन ह्यूमन वेलफेयर एंड रिसर्च फाउंडेशन (Lupin Human Welfare & Research Foundation) (लुपिन फाउंडेशन), ने राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर दो दिवसीय राज्य स्तरीय वर्कशॉप का आयोजन किया। 25-26 मार्च, 2025 को जयपुर में आयोजित हुई इस वर्कशॉप में सम्पूर्ण राजस्थान के जिला अस्पतालों के सीनियर मेडिकल ऑफिसर्स ने हिस्सा लिया।
लुपिन फाउंडेशन के ‘लाइव्स प्रोग्राम’ के तहत आयोजित इस वर्कशॉप का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना और बढ़ती गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) की चुनौती से निपटना है। इसमें 60 से अधिक वरिष्ठ डॉक्टरों को हाइपरटेंशन, कोरोनरी आर्टरी डिजिज, सीओपीडी और अस्थमा जैसी बीमारियों की सही पहचान और उपचार के नए दिशा-निर्देशों* पर ट्रेनिंग दी गई। सत्र का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ, डॉ. नरेश मुनोत (कार्डियोलॉजिस्ट) और डॉ. अपर्णा बिराजदार (पल्मोनोलॉजिस्ट) ने किया।
वर्कशॉप का उद्घाटन डॉ. सुनील सिंह (संयुक्त निदेशक, गैर-संक्रामक रोग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार) और श्रीमती तुषारा शंकर (हेड- सीएसआर, लुपिन) द्वारा किया गया। अन्य प्रमुख उपस्थित अधिकारीयों में श्री अरुण वशिष्ठ (राज्य कार्यक्रम अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान सरकार), डॉ. नचिकेत सुले (हेड- हेल्थकेयर, लुपिन फाउंडेशन) और श्री रवि दाधिच (जिला कार्यक्रम प्रबंधक, हेल्थकेयर, लुपिन फाउंडेशन) शामिल थे। उनकी उपस्थिति राज्य में सार्वजनिक स्वाथ्य प्रणाली को सुधारने में एक महत्वपूर्ण पहल को दर्शाती है।
राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग के गैर-संक्रामक रोगों के संयुक्त निदेशक, डॉ. सुनील सिंह ने कहा, “गैर-संक्रामक रोगों का बढ़ना हमारे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। यह वर्कशॉप हमारे डॉक्टरों को इन बीमारियों से निपटने के लिए नई जानकारी और कौशलयुक्त करने में सहायता करेगी। लुपिन फाउंडेशन के साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य राजस्थान के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्रदान करना है।”
इस अवसर पर तुषारा शंकर, हेड- सीएसआर, लुपिन, ने कहा, “यह पहल लुपिन के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें हम अपने समुदायों को सर्वोत्तम सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास करते हैं। यह हमारी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और एक सशक्त समाज बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। हमारे मेडिकल ऑफिसर्स को नई जानकारी और कौशलयुक्त करके, हम राजस्थान के लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं।”