नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव से पहले सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर देश के हर गरीब परिवार को सालाना 72 हजार रुपये दिए जाएंगे। राहुल ने इसे गरीबी पर आखिरी प्रहार करार देते हुए कहा कि इससे देश के पांच करोड़ परिवारों यानी 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा सकेगा। पार्टी की कार्य समिति की बैठक के बाद राहुल ने संवाददाताओं से कहा पिछले पांच वर्षों में देश की जनता को बहुत मुश्किलें सहनी पड़ी हैं। हमने निर्णय लिया और हम हिंदुस्तान के लोगों को न्याय (न्यूनतम आय योजना) देने जा रहे हैं। यह न्यूनतम आय गारंटी है। ऐसी योजना दुनिया में कहीं नहीं है। हम 12000 रुपये महीने तक की आय वाले परिवारों को न्यूनतम आय गारंटी देंगे। कांग्रेस गारंटी देती है कि वह देश में 20 फीसदी सबसे गरीब परिवारों में से प्रत्येक को हर साल 72000 रुपये देगी। यह पैसा उनके बैंक खाते में सीधा डाल दिया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस का गरीबी दूर करने के नाम पर राजनीति करने, गरीबी उन्मूलन के नाम पर लोगों को ठगने का इतिहास है। केवल भाषणों और बयानों से गरीबी दूर नहीं होगी। इसके लिए लोगों को संसाधन देने होंगे और मोदी सरकार यही काम कर रही है। कांग्रेस ने कई बार लोगों को धोखा दिया है और एक बार फिर वही करने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस बार लोग उसके झांसे में नहीं आएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वह सबसे अमीर लोगों को पैसा दे सकते हैं तो कांग्रेस भी सबसे गरीबों को पैसा देगी। इसे दुनिया की सबसे बड़ी न्यूनतम आय योजना करार देते हुए उन्होंने कहा कि यह गरीबी पर आखिरी प्रहार है। यह योजना चरणबद्ध तरीके से चलाई जाएगी। यह सोची समझी योजना है और इसके लिए कई अर्थशास्त्रियों से विचार-विमर्श किया गया है। राहुल ने कहा पूरा आकलन कर लिया गया है। सब कुछ तय कर लिया गया है। इससे पांच करोड़ परिवारों यानी 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा। आप याद रखिए कि हमने मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान में 10 दिन में किसानों के कर्ज माफ करने का वादा किया था जिसे पूरा किया। मैं फिर वादा कर रहा हूं कि हम 20 फीसदी सबसे गरीब लोगों के 8 साथ न्याय करेंगे और साल का 72 हजार रुपये देंगे।
