नई दिल्ली. देश की राजधानी में सर्दियों से ठीक पहले प्रदूषण की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि सरकारी एजेंसियों के दावों के उलट दिल्ली के कई हिस्सों में जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन से महज कुछ दूरी पर नियमों की अनदेखी करते हुए प्रदूषण को आमंत्रण दिया जा रहा है। राजपथ पर मिट्टी के कई ऊंचे ढेर बिना किसी ग्रीन कवर के खुले में नजर आ रहे हैं। एक तरफ दिल्ली की हवा खराब है तो वहीं मिट्टी के ढेर के खिलाफ कार्रवाई करने वाली एजेंसियां भी गायब हैं। आपको बता दें कि निर्माण कार्य के दौरान मलवा, रेत या अन्य मटेरियल को ग्रीन कवर से ढंकना अनिवार्य है जबकि राजपथ पर खुलेआम इस नियम को नजर अंदाज करते पाया गया। दिल्ली में पीएम 10 और पीएम 2.5 स्तर लगातार बढ़ते जा रहा है। पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने बताया कि पर्यावरण विभाग की 15 टीम प्रदूषण से निपटने के लिए काम कर रही है। इसके अलावा 6 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गयी है। इस कमेटी का मकसद औचक निरीक्षण करना है ताकि प्रदूषण फैलाने वालों और इसकी वजहों को पहचान कर पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
