नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी लोकसभा चुनाव में भी उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से चुनाव लड़ेंगें। पीएम मोदी इस बार भी दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे जिसमें एक सीट वाराणसी की जबकि उनकी दूसरी सीट का फैसला बाद में किया जाएगा। बीजेपी संसदीय बोर्ड की शुक्रवार को हुई बैठक में इस बाबत फैसला लिया गया। लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तय करने के मकसद से बुलाई गई यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली थी। पिछले लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने वाराणसी सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को करीब तीन लाख वोटों से हराया था जबकि उनके दूसरे प्रतिद्वंद्वि व कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय को महज 75000 वोट मिले थे। पीएम मोदी के लिए सीट के फैसले के अलावा संसदीय बोर्ड की बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी चुनाव में उम्मीदवारों के लिए 75 साल जैसी कोई उम्र सीमा नहीं रखी जाएगी। बैठक से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि जीत का माद्दा रखने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा चाहे वह 75 साल से ज्यादा उम्र का ही क्यों न हो। 2014 की चुनावी जीत के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व वाली पार्टी ने सदस्यों के लिए नियमों में कई बदलाव किए थे। इसमें नेताओं के लिए सक्रीय राजनीति से रिटायरमेंट की उम्र सीमा 75 साल तय की गई थी। इससे 70 साल से अधिक उम्र वाले नेताओं को इस बार टिकट मिलने की संभावना न के बराबर रह गई थी हालांकि 2014 में शानदार जीत करने वाले बीजेपी के कई प्रमुख नेता इस बार इसी दायरे में आ रहे थे। ऐसे में यह नियम अब बदल दिए गए । इन नेताओं में 91 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी 85 साल के मुरली मनोहर जोशी और 77 वर्षीय कलराज मिश्र जैसे दिग्गज भी शामिल हैं। सूत्रों ने छमूे18 को बताया कि बीजेपी की राज्यों में अपना गठबंधन भी बढ़ाने की योजना है। उन्होंने कहा कि 2014 में जहां हमारे 16 सहयोगी दल थे। इस बार यह संख्या 29 होगी। पार्टी ने हाल ही में तमिलनाडु में एआईएडीएमके से गठबंधन किया है। वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना और बिहार में जेडीयू और एलजेपी के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दिया था। सूत्रों ने बताया कि इस बार पार्टी का पूरा फोकस जिताऊ कैंडिडेट पर होगा इसलिए कई राज्यसभा सदस्यों को भी लोकसभा का टिकट दिया जा सकता हैं।
