नई दिल्ली| देश में प्याज की भारी किल्लत (Onion scarcity in india) के बाद सरकार ने प्याज इंपोर्टे किया, लेकिन आलम यह है कि सस्ती दरों पर भी इम्पोर्टेड प्याज (Imported onion) खरीदने को राज्य सरकारें दिलचस्पी नहीं ले रही हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान (Consumer Affairs Minister Ram Vilas Paswan) ने कहा कि प्याज हम राज्य सरकारों को 55 रुपये प्रति किलो की दर से ऑफर कर रहे हैं और परिवहन की लागत भी वहन कर रहे हैं। इसके बाद भी राज्य सरकार इंपोर्टेड प्याीज खरीदने में दिलचस्पी नहीं लेते।
36,000 टन में से 18,500 टन प्याज भारत पहुंच चुका
ज्यादातर शहरों में पिछले दो महीने से प्याज की खुदरा कीमतें 100 रुपये प्रति किलो से ऊपर चल रही थीं और इंपोर्टेड प्याज और नई खरीफ फसल के आने के बाद से इनकी कीमतों में नरमी आई है, लेकिन प्याज की कीमतें अब भी सामान्य स्तर पर नहीं आई हैं। अभी तक हमने 36,000 टन प्याज का अनुबंध किया है, जिसमें 18,500 टन प्याज भारत पहुंच चुका है। राज्यों ने अब तक मात्र 2,000 टन प्याज ही उठाया है और कल किसी को कोर्ट जाकर यह नहीं कहना चाहिए कि आयातित प्याज खराब होने लगे हैं।