देर रात तक रोशनी तक की सुविधा नहीं है, पार्क में सिर्फ पावर प्रोसेस इंडस्ट्रीज
पाली. नेक्सट जेन टैक्सटाइल पार्क जिसे टैक्सटाइल मिनिस्ट्री द्वारा अप्रूव्ड किया गया था को सरकार ने छतीस करोड़ 36 करोड़ रूपए ग्रांट के लिए दे दिए. टैक्सटाइल कमीशनर विभाग के रीजनल ऑफिस नोएडा से आई टीम ने आनन फानन में सर्वे कर ग्रांट बांट दी। पार्क में ज्यादात्तर इकाईयां ऐसी है जो धडल्ले से प्रदूषण फैला रही है। पार्क में ऐसी इंडस्ट्रीज शुरू होनी थी जिससे हजारों लोगों को एक ही जगह रोजगार मिल सके, स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुलना था, हॉस्टल और पार्क बनने थे और इसके साथ ही एम्ब्रोड्ररी, नीटिंग जैसी इंडस्ट्रीज पर फोकस होना था परंतु प्राइवेट कम्पनी द्वारा जमीन लेकर यहां पर पावर प्रोसेस इंडस्ट्रीज लगवा दी.
