नई दिल्ली. करीब एक दशक बाद भारतीय कार बाजार में नई कंपनियों की एकदम नई कारें देखने को मिलेंगी। इसकी शुरुआत इस साल जून से होगी और अगले तीन वर्षों के दौरान दुनिया की तीन प्रमुख वाहन कंपनियां एमजी मोटर, किया मोटर और सितरों एक दर्जन से अधिक कार मॉडल बाजार में उतारेंगी। भारत में हर साल करीब 30 लाख यात्री वाहन बिकते हैं और ये कंपनियां इस बाजार में सेंध लगाने की कोशिश में हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये नई कंपनियां एंट्री सेगमेंट में नहीं उतर रहीं हैं बल्कि उनकी नजर लोकप्रिय प्रीमियम सेगमेंट पर है। खरीदारों की प्राथमिकता में तेजी से हो रहे बदलावों और उत्सर्जन, सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता पर प्रस्तावित कानून के कारण इन कंपनियों का जोर भारतीय बाजार का जोर स्पोट्र्स यूटिलिटी पर है। बिक्री पूर्वानुमान और बाजार शोध कंपनी आईएचएस ऑटोमोटिव के मुताबिक देश में यात्री वाहनों की औसत कीमत बढ़कर 10000 डॉलर पहुंच गई है जो पांच साल पहले 6000 डॉलर थी। यह इस बात का प्रतीक है कि खरीदार महंगी कारों को वरीयता दे रहे हैं। देश में आने वाले महीनों में कई नई कारें बाजार में दस्तक देने वाली हैं। इनमें पहली कार होगी एमजी हेक्टर। जून में बाजार में आने वाली इस प्रीमियम एसयूवी की कीमत 17 लाख रुपये से 20 लाख रुपये रहने की उम्मीद है। यह हुंडई तुसों, जीप कम्पास, महिंद्रा एक्सयूवी 500, टाटा हैरियर और कई अन्य मॉडलों को टक्कर देगी। इसके बाद इस कैलेंडर वर्ष के अंत में एक पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन का बाजार में पदार्पण होगा। एमजी मोटर इंडिया के कार्यकारी निदेशक पी बालेंद्रन का कहना है कि इसके बाद अगले पांच साल तक हर साल एसयूवी सेंगमेंट में एक नए मॉडल को उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी ने 45 डीलरों को नियुक्त किया है जिनके पास 110 शोरूम का नेटवर्क होगा। बालेंद्रन ने कहा बाजार में कुछ सुस्ती आई है लेकिन एसयूवी खंड लगातार बढ़ रहा है। सायम के मुताबिक 2013 से 2018 के बीच भारत का यूटिलिटी वाहन बाजार 11 फीसदी की सालाना चक्रवृद्घि दर से बढ़ा जबकि यात्री कारों की रफ्तार तीन फीसदी रही। किया मोटर इंडिया की नजरें भी तेजी से बढ़ रहे एसयूवी बाजार पर है। कंपनी के विपणन और बिक्री प्रमुख मनोहर भट्ट ने कहा कि उनकी योजना हर छह से नौ महीने में एक नया मॉडल उतारने की है। इसकी शुरुआत इस साल की दूसरी छमाही से होगी जब कंपनी एसपी2 कूटनाम से एक एसयूवी भारतीय बाजार में उतारेगी। इसकी कीमत 10 लाख रुपये से 16 लाख रुपये रहने की संभावना है और यह हुंडई क्रेटा, होंडा एचआर-वी जैसे मॉडलों को टक्कर देगी। भट्ट को उम्मीद है कि किया की अलग पहचान और डिजाइन नए दौर के खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। इससे कंपनी को अपनी सहयोगी कंपनी हुंडई और दूसरे प्रतिद्वंद्वी ब्रांडों से अलग अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा हमारी कारें अपने शानदार डिजाइन, सर्वश्रेष्ठ खूबियों और प्रीमियम क्वालिटी के कारण भारतीय बाजार में धूम मचाने में सक्षम हैं। सबसे तेजी से बढ़ रहे सेगमेंट में हमारे ब्रांड ग्राहकों को चौंका देंगे।
