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बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं

अधिकारी ‘माइक्रो प्लानिंग’ कर तय समयावधि में घोषणाओं को धरातल पर उतारें -निदेशक, सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग निदेशक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए भी किया मोटिवेट

 

जयपुर। सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के निदेशक एवं विशिष्‍ट शासन सचिव बचनेश अग्रवाल ने कहा कि बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने की है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण ‘माइक्रो प्लानिंग’ कर घोषणाओं को मूर्त रूप देने में जुट जाएं।

 

 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत (Social Justice and Empowerment Minister Avinash Gehlot) के निर्देश पर अग्रवाल ने बुधवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुख्यालय ‘अम्बेडकर भवन’ स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल से जिला स्तरीय अधिकारियों से वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए बैठक ली और आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। इस दौरान निदेशालय सहित संंबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और संचालन के लिए अधिकारियों की प्रशंसा भी की तो कम प्रदर्शन करने वाले जिलों को मोटिवेट भी किया। उन्होंने कहा घोषणाओं की उच्च स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है, ऐसे में अधिकारीगण किसी भी स्तर पर कोर—कसर नहीं छोडें।

 

 

अग्रवाल ने कहा किया बजट 2025-26 घोषणाओं की क्रियान्विति से पूर्व पिछले वर्ष की जो भी बजट घोषणाएं अपूर्ण हैं, उन्हें सबसे पहले पूरी करने पर जोर दें। उन्होंने बजट 2025-26 की घोषणाओं के अनुसार और आवश्यकता के अनुरूप भूमि चिन्हीकरण एवं आवंटन से जुड़ी गतिविधियों को तय समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में समयबद्धता, गुणवत्ता और उपयोगिता पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने बजट घोषणाओं के कार्यों को रफ्तार देने की जरूरत पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान बाबा साहेब अंबेडकर आदर्श ग्राम योजना, स्वयंसिद्धा आश्रम, देवनारायण आवासीय योजना, कामकाजी महिला आवास योजना, बेघर वृद्धजन एवं असहाय निराश्रित व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु स्थापित किया जा रहे स्वयं सिद्ध आश्रमों, विमुक्त घुमंतू और अर्ध घुमंतु समुदायों के सशक्तिकरण एवं उत्थान की दृष्टि से दादू दयाल घुमंतू सशक्तिकरण योजना प्रारंभ करने, प्रदेश के एससी-एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, सफाई कर्मचारी, दिव्यांगजन आदि को आर्थिक संबल प्रदान करने की दृष्टि से अनुजा, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक निगमों द्वारा दिए गए ऋणों के क्रम में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने सहित अन्य विभिन्न विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई।

 

इस दौरान उन्होंने ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना’ से जुड़े आवेदनों की जांच और सत्यापन कार्य आगामी 3 दिवसों में पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सत्यापन से शेष मामलों में अधिकारियों को शत—प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर नवाचार करते हुए ओटीपी और एप के जरिए वेरिफिकेशन करवाएं। उन्होंने 7 और 8 अप्रेल को देहरादून में होने वाले चिंतन शिविर तथा 14 अप्रेल को अंबेडकर जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों से जुड़ी तैयारियों को भी पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 

बैठक में अतिरिक्त निदेशक केसरलाल मीणा, अतिरिक्त निदेशक रीना शर्मा, अतिरिक्त निदेशक अशोक जांगिड़, अतिरिक्त निदेशक हरिसिंह मीणा, अतिरिक्त निदेशक अरविंद सैनी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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