नई दिल्ली. मुश्किल में हमेशा परिवार ही काम आता है ये सीख एडीएजी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपने छोटे भाई अनिल अंबानी की बड़ी मदद की है। उन्होंने अनिल अंबानी को 550 करोड़ रुपए देकर जेल जाने से बचा लिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अनिल अंबानी को 19 मार्च तक एरिक्सन कंपनी को 550 करोड़ रुपए का पेमेंट करना था। अगर वो ये पेमेंट नहीं करते तो उनको जेल जाना पड़ सकता था। इसके बाद ऑरकॉम के शेयर में 10 फीसदी की तेजी आ गई। आरकॉम का शेयर 4.4 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। दोनों भाईयों के बीच 2004 में कारोबार के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद दोनों ने 2005 में अपने-अपने कारोबार बांट लिए। इस बंटवारे में उनकी मां कोकिला बेन ने बड़ी मदद की थी। दोनों भाईयो ने एक दूसरे के कारोबार में न उतरने का एग्रीमेंट भी किया था। इस एग्रीमेंट को 2010 में खत्म कर दिया गया। इसके बाद मुकेश अंबानी जियो के साथ टेलीकॉम कारोबार में उतरे। अनिल अंबानी ने इस मदद के लिए बड़े भाई मुकेश अंबानी और नीता अंबानी को धन्यवाद भी दिया। दरअसल एरिक्सन ने 550 करोड़ रुपए नहीं देने पर कोर्ट की अवमानना का केस लगाया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को 19 मार्च तक का समय दिया था। अगर वो पेमेंट नहीं कर पाते तो उन्हें 3 महीने तक जेल में रहना पड़ता। अनिल अंबानी ने मुकेश अंबानी तो धन्यवाद देते हुए लिखा कि ‘मैं अपने आदरणीय बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता के इस मुश्किल वक्त में मेरे साथ खड़े रहने और मदद करने का तहेदिल से शुक्रिया करता हूं। समय पर यह मदद करके उन्होंने परिवार के मजबूत मूल्यों और परिवार के महत्व को रेखांकित किया है। मैं और मेरा परिवार बहुत आभारी है कि हम पुरानी बातों को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ चुके हैं और उनके इस व्यवहार ने मुझे अंदर तक प्रभावित किया है। अनिल अंबानी की मुश्किल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने टेलीकॉम विभाग के 21 करोड़ के स्पेक्ट्रम पेमेंट को डिफॉल्ट कर दिया है। इसके अलावा अप्रैल में उन्हें सरकार को 281 करोड़ रुपए देने हैं। अनिल अंबानी अपनी कई कंपनियों को बेचकर पूंजी जुटा रहे हैं। वो अपना कर्ज कम करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
