नई दिल्ली। भारतीय चिकित्सा उपकरणों का उद्योग वर्तमान में लगभग 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है जो कि 72.6 बिलियन अमरीकी डालर वाली एशिया/पेसिफिक इंडस्ट्री के कुल आकार का 6.9 प्रतिशत हिस्सा है। भारत में हैल्थकेयर इंडस्ट्री का कुल मूल्य 160 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिसके 2020 तक 280 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। आरयूजे और एसआरएम के चेयरमैन स्विट्जरलैंड बेस्ड वैज्ञानिक डॉ राजेन्द्र जोशी ने बताया कि इस तरह उम्मीद की जा सकती है कि भारत के चिकित्सा उपकरण उद्योग, शल्य चिकित्सा उपकरण और दवा उद्योग में आने वाले वर्षों में उल्लेखनीय तेजी आ सकती है और ये उद्योग पूरी दुनिया के लिए लागत प्रभावी आपूर्तिकर्ता बन सकते हैं। देश में लगभग 1800 घरेलू फर्म हैं, मुख्य रूप से एमएसएमई जो निम्न से मध्यम प्रौद्योगिकी उत्पादों की शृंखला में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
