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राजस्थान को देश का सबसे स्वच्छ ग्रामीण प्रदेश बनाएं, हर गांव प्रतिदिन साफ हो यह हमारा संकल्प हो -शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री

जयपुर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर (Education and Panchayati Raj Minister Madan Dilawar) ने कहा कि इस साल राजस्थान को देश का सबसे स्वच्छ ग्रामीण प्रदेश बनाने का लक्ष्य पूरा करते हुए हमें ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाना है। उन्होंने कहा कि हर गांव प्रतिदिन साफ हो यह हमारा संकल्प होना चाहिए। गांवों में प्रतिदिन झाडू लगे, नालियों की सफाई हो और घरघर से कचरा संग्रहण किया जाए, इसके लिए ग्राम पंचायतों को पैसा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को 80 हजार से लेकर 2 लाख 50 हजार रूपये प्रति माह तक सफाई के लिए पैसा मिलता है उसका समुचित उपयोग करते हुए गांवों को स्वच्छ रखें।

 

दिलावर बुधवार को कोटा जिले के केडीए ऑडिटोरियम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कोटा संभाग के कोटा एवं बारां जिले की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को एक हजार टीमें गठित कर प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर वहां सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर जिन ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था सही नहीं पाई जाएगी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारी गलत आंकड़ें प्रस्तुत नहीं करें बल्कि जो वास्तविकता हो उसे सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों एवं धरातल की वास्तविकता में अंतर नहीं हो।

 

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के लिए उपलब्ध पैसा किसी अन्य कार्य के लिए काम में नहीं लिया जाए। उन्होंने जिला परिषद सीईओ, बीडीओ, एईएन एवं अन्य अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के सफाई कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी निरीक्षण के दौरान यह देखें कि गांवों में प्रतिदिन सफाई हो, घरघर कचरा संग्रहण किया जाए एवं नालियों की पर्याप्त रूप से सफाई की जाए। उन्होंने कहा कि घरों से एकत्र किया जाने वाला कचरा तय जगह पर डाला जाए।

 

दिलावर ने सीईओ जिला परिषद कोटा एवं बारां से पूछा कि उन्होंने किनकिन ग्राम पंचायतों में सफाई कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बारां, छबड़ा, छीपाबड़ौद एवं खैराबाद के बीडीओ से ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के निरीक्षण एवं गांवों में रात्रि विश्राम के बारे में पूछा। उन्होंने निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था के रजिस्टर का सही तरीके से संधारण किया जाए और उसी के आधार पर संबंधित ठेकेदार को भुगतान किया जाए।

 

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री ने विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध घुमन्तु आवासहीन परिवारों को निःशुल्क भूखंड आवंटन की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 25 हजार विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध घुमन्तु परिवारों को पट्टा देने का लक्ष्य रखा गया है। जिन परिवारों को 2 अक्टूबर 2024 को पट्टे दिए गए थे उनकी रजिस्ट्री भी समय पर कराई जाए और उन्हें मौके पर जाकर कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने इन परिवारों को पीएम आवास योजना की सूची में शामिल कर उनके मकान बनवाने के भी निर्देश दिए।

अन्नपूर्णा योजना में गरीब को 8 रूपये में भरपेट भोजन—

दिलावर ने अन्नपूर्णा रसोई योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि गरीब व्यक्ति को आठ रूपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ठंडी रोटी खिलाने अथवा आठ रूपये से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर जांच कर कार्यवाही की जाए एवं अनियमितता करने वाली संस्थाओं को हटाया जाए।

बर्तन बैंक के लिए हुआ एमओयू—

कार्यक्रम में सांगोद पंचायत समिति के सावनभादौ गांव में बर्तन बैंक संचालन के लिए नारायणी स्वयं सहायता समूह के साथ एमओयू किया गया। इसके अलावा ग्राम पंचायत मंडाना में शीतला माता स्वयं सहायता समूह के साथ बर्तन बैंक संचालन के लिए एमओयू किया गया। इसके तहत स्टील के बर्तनों के 400 सेट दिए गए ताकि सामूहिक भोजन के अवसर पर डिस्पोजल का कम से कम उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण किया जा सके और गौ माता को प्लास्टिक खाने से बचाया जा सके। प्रति बर्तन सेट 3 रूपये किराया निर्धारित किया गया है जो स्वयं सहायता समूह द्वारा लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बजट घोषणा के तहत पूरे प्रदेश में एक हजार ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक स्थापित किए जाने हैं जिसमें प्रथम चरण में कोटा जिले में 20 ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक बनाए जाएंगे।

एसबीएमजी ऐप लॉन्च—

कार्यक्रम में स्वच्छता मॉनिटरिंग के लिए एसबीएमजी राजस्थान ऐप लॉन्च किया गया। यह ऐप एन्ड्रॉयड एवं आईओएस दोनों वर्जन पर काम करेगा। इसमें कोई भी व्यक्ति सिटीजन डेशबोर्ड पर जाकर गंदगी पड़ी होने या कचरा पड़ा होने की शिकायत फोटो खींचकर करेगा जिस पर संबंधित ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी एक्शन लेते हुए वहां सफाई करवाकर शिकायत निस्तारण की सूचना ऐप पर अपलोड करेंगे। इस ऐप पर बीडीओ, एसीईओ, सीईओ एवं राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन की निदेशक सलोनी खेमका एवं संयुक्त निदेशक अशोक पारीक ने स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के लिए किए जा रहे प्रयासों एवं नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरघर कचरा संग्रहण, गीला एवं सूखा कचरा अलग करने, सड़क, बाजार आदि में झाडू लगाने, नाली सफाई तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसर की सफाई के संबंध में बीएसआर दरें तय कर दी गई हैं। इससे स्वच्छता संबंधी कार्यों में एकरूपता लाने तथा निविदा आमंत्रण में आसानी होगी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संवेदक के माध्यम से स्वच्छता कार्य के लिए जारी दिशानिर्देशों एवं निविदा शर्तों के बारे में भी जानकारी दी।

उपायुक्त पंचायती राज इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के मामले में किसी तरह की लापरवाही बरती जाएगी। उन्होंने विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु श्रेणी के आवासहीन परिवारों को पट्टा वितरण की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर 2024 को अभियान चलाकर एक साथ 17 हजार 500 पट्टे वितरित किए गए थे।

बैठक में लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, किशनगंज विधायक ललित मीणा सहित कोटा एवं बारां जिले के उप प्रधान, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, बीडीओ, एईएन, सहायक लेखाधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी सहित पंचायती राज महकमे से जुड़े कार्मिक उपस्थित थे। 

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