
जयपुर. मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री आनंद कुमार ने लोकसभा आम चुनाव-2019 के तहत आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानातंरण से जुड़े समस्त प्रकरणों के बारे में भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त स्पष्ट दिशा-निर्देशों को सभी जिला कलेक्टर्स और विभागों के सभी उच्चाधिकारियों को लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अनुमति के बिना चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक आगे किसी अधिकारी-कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किया जाए और पूर्व में जारी किए गए ऎसे स्थानांतरण आदेश जिनकी क्रियान्विति 10 मार्च, 2019 तक नहीं हुई है, तो ऎसी स्थिति में कार्मिकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाए। आयोग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार अधिकारियों के स्थानांतरण आदेशों की क्रियान्विति के लिए संबंधित विभाग द्वारा स्क्रीनिंग कमेटी के माध्यम से प्रस्ताव निर्वाचन विभाग को प्रेषित किए जाएंं, जिस पर आयोग से अनुमति प्राप्त होने पर ही संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश की क्रियान्विति की जा सकेगी। निर्देशानुसार समस्त विभागों के ऎसे अधिकारी-कर्मचारी जिनके स्थानांतरण आदेश 10 मार्च तक जारी हो चुके थे एवं उनकी पालना में उस दिन तक कार्यमुक्त भी हो चुके हैं ऎसे में यदि उनके नवीन पदस्थापन स्थान पर पद रिक्त है तो ही उन्हें कार्यग्रहण कराया जा सकता हैं। आदेशों के अनुसार कार्यमुक्त किए गए अधिकारियों-कर्मचारियों के नवीन स्थानांतरित पदस्थापन स्थान पर पद रिक्त नहीं है तो ऎसे कार्मिकों का पूर्व पद पर स्थानांतरण निरस्त कर दिया जाए। यदि पूर्व पद किसी अन्य अधिकारी-कर्मचारी के कार्यग्रहण करने के कारण रिक्त नहीं है तो उसके पदस्थापन या स्थानांतरण के प्रस्ताव प्रशासनिक विभाग के माध्यम से निर्वाचन विभाग को भिजवाया जाए। उपरोक्त के अलावा आवश्यक समझा जाए तो कार्मिकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापना के संबंध में आदर्श आचार संहिता के तहत किसी भी तरह के स्पष्टीकरण एवं शिथिलता चाहने पर स्क्रीनिंग कमेटी के माध्यम से प्रकरण प्रेषित करने के निर्देश भी दिए हैं।