वित्त सचिव राजीव कुमार ने रविवार को कहा कि अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में इसे सूचीबद्ध कराया जा सकता है। इसकी प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई है। सूचीबद्धता के लिए कई प्रक्रियाओं को पूरा करने की जरूरत होगी। इसके लिए कुछ विधायी बदलावों की भी जरूरत होगी।
बन सकती है भारत की सबसे बड़ी कंपनी
विश्लेषकों को एलआईसी का वैल्यूएशन आठ से 10 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यानी यह रिलायंस को भी पीछे छोड़ सकती है। मौजूदा समय में रिलायंस का बाजार पूंजीकरण 8,76,906.57 करोड़ रुपये है। बता दें कि वित्त वर्ष 2021 के लिए सरकार ने 2.10 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य काफी बड़ा है।
सऊदी अरब की तेल कंपनी से हो रही तुलना
वित्त मंत्री द्वारा एलआईसी में हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव के बाद इसके आईपीओ की तुलना सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी सऊदी अरामको से हो रही है। बाजार के विश्लेषकों के मुताबिक, पैसे जुटाने के मामले में एलआईसी का आईपीओ सऊदी अरामको के आईपीओ जैसा ही हो सकता है। बीते साल दिसंबर में सऊदी अरामको ने अपने आईपीओ से 1.82 लाख करोड़ रुपये की रकम जुटाई, जबकि एलआईसी के आईपीओ से सरकार 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक रकम जुटा सकती है, जो भारतीय कंपनियों के लिए रिकॉर्ड होगा।