सरकार ने बादाम, अखरोट और दालों समेत 29 अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी आयात शुल्क लगाने के फैसले पर आगे बढ़ने का निर्णय किया है. इससे पहले सरकार इसे लागू करने की समयसीमा को कई बार बढ़ा चुकी है. सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय बहुत जल्द इस बारे में अधिसूचना जारी करेगा. पिछले साल मई में मंत्रालय ने इन अमेरिकी वस्तुओं पर ऊंचा शुल्क लगाने की समयसीमा को बढ़ाकर 16 जून कर दिया था. जून, 2018 के बाद से इस समयसीमा को कई बार आगे खिसकाया जा चुका है. जवाबी कदम के तौर पर बढ़ेगा शुल्क भारत ने जवाबी कदम उठाते हुए अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है. अमेरिका ने भारत से आयात किए जाने वाले कुछ इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों पर शुल्क बढ़ा दिया था. सरकार ने कई उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाने की अधिसूचना जारी करेगी. इसमें अखरोट पर आयात शुल्क 30 से बढ़ाकर 120 फीसदी किया जाना है. इसी तरह काबुली चना, चना और मसूर दाल पर शुल्क 70 फीसदी किया जाना है जो अभी 30 फीसदी है. अन्य दालों पर शुल्क को 40 फीसदी किया जाएगा. वित्त वर्ष 2017-18 में भारत का अमेरिका को निर्यात 47.9 अरब डॉलर था जबकि आयात 26.7 अरब डॉलर का हुआ था. इस तरहव्यापार संतुलन भारत के पक्ष में रहा था. ट्रंप कई बार नाराजगी जता चुके हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प कई बार भारत के हाई इम्पोर्ट टैरिफ की आलोचना कर चुके हैं. हाल ही में ट्रम्प ने सीबीएस न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिकी मोटरसाइकिल पर 50 फीसदी टैरिफ लगानाअस्वीकार्य है. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उनके ‘अच्छे दोस्त’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर शुल्क को 100% से घटाकर 50% कर दिया है. उन्होंने कहा कि ‘हम बेवकूफ देश नहीं हैं कि इतना बुरा करें. आप भारत की ओर देखें कि वह क्या कर चुके हैं. वह एक मोटरसाइकिल पर 100% टैक्स लेते हैं. हम उनसे कुछ नहीं लेते हैं.’ ट्रम्प का इशारा हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल की ओर था. यह मुद्दा उनके बेहद करीब है. ट्रम्प का मानना है कि भारत इस पर टैरिफ को घटाकर शून्य फीसदी करे.’ ट्रंप ने भारत को ‘टैरिफ किंग’ कहकर भी संबोधित कर चुके है.
