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राजस्थान मिशन-2030 की राज्य स्तरीय कार्यशाला सहकारिता से जुड़े हितधारकों ने दिए सुझाव सहकारिता के सामाजिक, आर्थिक, तकनीकी क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता

जयपुर। राजस्थान वर्ष 2030 तक देश में अग्रणी राज्य बने, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विजन दस्तावेज-2030 तैयार किया जा रहा है। इसी कडी में सहकारिता विभाग द्वारा शनिवार को सहकार भवन में सहकारिता से जुडे हितधारकों की राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव सहकारिता श्रेया गुहा ने कहा कि संभाग एवं जिला स्तर पर सहकारिता से जुड़े हितधारक परामर्श सम्मेलन का आयोजन किया जा चुका है एवं सुझावों को संकलित करने का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सुझावों को संकलित कर विजन दस्तावेज-2030 में शामिल किया जाएगा। वर्ष 2030 में राजस्थान की तस्वीर विकसित बने, इसी उद्््देश्य से संकलित सुझावों को राज्य सरकार को भेजा जाएगा।

कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से आए ग्राम सेवा सहकारी समितियों के अध्यक्षों ने सहकारिता के सामाजिक, आर्थिक एवं तकनीकी क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। हितधारकों ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों का सुदृृढ़ीकरण के लिए समिति की हिस्साराशि 25 लाख करने, सदस्यों को 3 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण देने, समिति द्वारा कम से कम 10 करोड़ रूपये का अल्पकालीन ऋण वितरण, 500 मेट्रिक टन के गोदाम निर्माण, गोदाम के लिए निःशुल्क भूमि एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने, व्यवसाय के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने सहित अन्य सुझाव दिए।

इसी प्रकार सामाजिक कल्याण के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं जैसे सदस्यों के लिए बीमा प्रीमियम की राशि का भुगतान सरकार वहन करें, समिति के कर्मचारियों को वेतन सरकारी कर्मचारियों की तरह ही मिले, महिला समितियों के उत्पादों को उचित प्लेटफार्म दिया जाए, समिति के अध्यक्षों को जनप्रतिनिधियों जैसी सुविधाऐं मिले सहित अन्य सुझाव मिले।

सहकारिता को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में सीसीबी हो, बुनकर समितियों को नए करघा उपलब्घ कराना, ऋण की सीमा को बढ़ाना ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर एमएसपी पर खरीद की जाए, जीएसएस के व्यवसाय में विविधता हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए सहित अन्य सुझाव मिले।

सहकारी समितियों को तकनीकी रूप से सुदृृढ़ करने के लिए इन्फ्रांस्ट्रक्चर को बढ़ावा मिले, ऋण वितरण का सत्यापन हो, ऋण सुविधा व्यवस्थित एवं सरल तरीके से हो, क्रेडिट के अनुसार ऋण मिले, समितियों को ड्रोन उपलब्ध कराया जाए, समय पर चुनाव हो, सहकार संघ को पुनर्जीवित किया जाए सहित अन्य सुझाव प्राप्त हुए।

कार्यशाला के प्रारंभ में रजिस्ट्रार सहकारिता श्री मेघराज सिंह रतनू ने राजस्थान मिशन-2030 के उद््देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को 2030 में सिरमौर बनाने के लिए सभी हितधारकों से सुझाव लेकर विजन डाक्यूमेन्टस-2030 बना रही है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की यह कवायद सहकारिता को भी आगे ले जाने का प्रयास है। उन्होंने सभी हितधारकों का स्वागत किया।

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