जयपुर। उत्तर भारत में घर-घर महिलाएं समूह बनाकर के हरियाली तीज के विभिन्न तरह के गीत गाती हैं।गीत गाते हुए झूला भी झूलती है। श्रावण मास की हरियाली तीज को स्वादिष्ट से स्वादिष्ट पकवान गुजिया, घेवर, फेनी आदि बेटियों को सी धारा के रूप में भेजा जाता है।यह बायना छू करके बेटी की सास को दिया जाता है। इस चीज पर मेहंदी लगाने का विशेष महत्व है। महिलाएं पैरों में महावर भी लगाती हैं, जो सुहाग का चिन्ह माना जाता है। हरियाली तीज पर तीन बातों को त्यागने का विधान है जैसे पति से छल-कपट झूठ बोला एवं दुर्व्यवहार पर निंदा मान्यता है।
