भारत और थाइलैंड के उद्योग जगत के दिग्गजों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर बताया कि कैसे माल एवं सेवा कर (GST) को लागू करने से देश में आर्थिक दृष्टि से एकीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसे और अनुकूल बनाने के लिए काम कर रही है। मोदी ने कहा, ‘पिछले पांच साल के दौरान हमने मध्यम वर्ग से कर का बोझ काफी कम किया है। अब हम ऐसी कर व्यवस्था शुरू कर रहे हैं जिसमें करदाता और कर अधिकारी का आमना सामना नहीं होगा जिससे करदाता के किसी तरह के उत्पीड़न की गुंजाइश समाप्त होगी।
कांग्रेस पार्टी लगातार यह आरोप लगाती रही
मोदी ने कहा, ‘विपक्षी कांग्रेस पार्टी लगातार यह आरोप लगाती रही है कि मोदी सरकार में कर अधिकारी उन कारोबारियों और राजनीतिक नेताओं को परेशान कर रहे हैं जो सरकार के खिलाफ बोलते हैं। इससे पहले अगस्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योग जगत से कहा था कि अब उन्हें किसी तरह के उत्पीड़न का सामना नहीं करना होगा क्योंकि ऐसी नई प्रणाली लाई जा रही है जिसमें अधिकारियों को उनकी कार्रवाई के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा।’ मोदी ने कहा, ‘आज के भारत में मेहनत से काम करने वाले करदाता के योगदान को सराहा जाता है। एक ऐसा क्षेत्र जहां हमने काफी काम किया है, वह है कराधान। मुझे खुशी है कि आज भारत में दुनिया की सबसे अनुकूल कर व्यवस्था है। हम इसमें और सुधार करने को प्रतिबद्ध हैं।’ अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कॉरपोरेट कर में कटौती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘आपने सुन लिया होगा कि भारत ने कॉरपोरेट कर की दरें घटा दी हैं। हमारे जीएसटी ने देश के आर्थिक एकीकरण के सपने को पूरा किया है। हम इसे लोगों के लिए और अनुकूल बनाने की दिशा में काम करना चाहते हैं।’