जयपुर. जहां मूल्यवद्र्धित उत्पाद वर्ष 2020 तक लगभग 30 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि का वायदा कर रहे हैं वही वैल्यू एडेड सेगमेंट में फ्लेवर्ड मार्केट अच्छे पैटर्न पर आगे बढ़ रहा है। वैश्विक शोध एवं इंटेलिजेंस एजेंसी मिनटेल द्वारा कराये गये एक शोध के अनुसार वर्ष 2017 के शुरूआती छ: महीनों में भारत में लॉन्च किये गये सभी डेयरी पेय उत्पादों में फ्लेवर्ड मिल्क का दबदबा 39 प्रतिशत रहा। शहर के लोग अब कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और जूस की जगह फ्लेवर्ड मिल्क को पसंद कर रहे हैं। आईमार्क की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2010 से 2020 के बीच फ्लेवर्ड दूध की बिक्री के आंकड़े 25 प्रतिशत माने जा रहे है। लोटस डेयरी प्रोडक्ट्स लिमिटेड के निदेशक अनुज मोदी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में फ्लेवर्ड दूध सेगमेंट में लगभग 23 प्रतिशत सीएजीआर की वृद्धि हुई है। पोषण एवं सुविधा को और बढाने के लिए हमने ने प्राकृतिक फ्लेवर्ड मिल्क का प्रीमियम रेंज लॉन्च किया है। इस लॉन्च का उद्देश्य ग्राहकों को रेडी-टू-ड्रिंक बेवरेजेज सेगमेंट में एक अधिक स्वास्थ्यवद्र्धक विकल्प प्रदान करना है। मिंटेल द्वारा यहां 18-64 आयु वर्ग के प्री-पैक्ड रेडी-टू-ड्रिंक डेयरी प्रोडक्ट्स भी तैयार किए जाते है।
