जयपुर. जयपुर में अभी हाल ही में आरटीआई के तहत जानकारी मिली की पुलिस महानिदेशक द्वारा हस्तान्तरित मूल परिवाद पर दर्ज शामिल पत्रावली एफआईआर की कैस डायरी से गायब कर दी गई। मामला अक्टूबर 2017 का है जिसमें परिवादी सुनील गुप्ता ने सुदखोर ब्याज माफियाओं के खिलाफ परिवाद पुलिस महानिदेशक के समक्ष उपस्थित होकर दिया जिसकी जॉच हेतु डीजी द्वारा हस्तान्तरित होकर परिवाद थाना विद्याधर नगर में पहुंचा और करीबन 3 माह बाद एफआईआर दर्ज हुई थी। हालांकि अनुसंधान के पश्चात एफआर लगाकर थानाधिकारी ने जून माह में अदालत में सम्पूर्ण पत्रावली पेश कर दी। परिवादी गुप्ता ने बताया कि मुकदमें से संबंधित अहम दस्तावेज पत्रावली में गायब मिले जिसकी जानकारी उन्हें आरटीआई के तहत मिली जबकि विद्याधरनगर के थानाधिकारी के द्वारा जवाब दिया गया कि की परिवादी के द्वारा चाहे गये दस्तावेज न्यायालय में पेश किए जा चुके है। परिवादी के द्वारा पुष्टि हेतु गायब दस्तावेजों के बाबत यायालय में नकल आवेदन प्रस्तुत किया गया जिसका न्यायालय से जवाब मिला कि मूल दस्तावेज पत्रावली में पेश ही नहीं हुए है। परिवादी के द्वारा उक्त प्रकरण के संबंध में पुलिस उपायुक्त उत्तर के यहा शिकायत पत्र दिया गया है। जिसमें की परिवादी का आरोप है कि थानाधिकारी राधा रमण गुप्ता ने आरोपियों के साथ मिली भगत कर के रिकॉर्ड को गायब कर दिया उक्त प्रकरण की जांच पुलिस उपायुक्त द्वारा की जा रही है।
