बता दें कि इस बार भारी वर्षा के कारण देश के अन्य हिस्सों में प्याज की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। जबकि अलवर जिले का प्याज सुरक्षित रहा। प्याज की कमी के चलते थोक के भाव दिसम्बर 2019 में 125 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए थे। प्याज से लदे एक ट्रक की कीमत 50 लाख रुपए तक पहुंच रही है। अलवर की फल सब्जी मंडी में प्याज की उपलब्धता के चलते प्याज के व्यापारी यहीं डेरा डाले हुए हैं। अलवर के खेतों में पैदा हुआ प्याज दिल्ली, पश्चिम बंगाल, एमपी, यूपी, और आसाम समेत कई राज्यों में भेजा जा रहा है। गुरुवार को ही अलवर की मंडी में प्याज के पांच हजार कट्टों की आवक हुई है।
प्याज बेचने से एक साल में कमाए 50 लाख
अलवर जिले के अहमदपुर के किसान बन्नू खां की मानें तो उसने वर्ष 2019 में 50 लाख रुपए का प्याज बेचा है। खेती शुरू करने के बाद यह पहला मौका है जब बन्नू खां ने एक साथ इतने रुपयों का प्याज बेचा है। बन्नू खां कहते हैं कि प्याज की कमाई 50 लाख रुपए पहले कभी नहीं देखे। गांव भडौली के उमरदीन भी बन्नू खां की बात से सहमत नजर आए। उमरदीन ने बताया कि इस बार प्याज मालामाल कर दिया। महज पांच बीघा जमीन में प्याज की खेतीकर अब तक 7 लाख रुपए कमा चुका हूंं।