दो साल पहले इस सोशल नेटवर्किंग साइट का इस लिस्ट में आठवां स्थान आया था। इस लिस्ट में एपल टॉप पर है और उसके बाद क्रमश: गूगल और ऐमजॉन ब्रैंड हैं। इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट ने चौथा स्थान पाया है। वहीं, कोका-कोला ने पांचवां और सेमसंग ने छठा स्थान पाया है। लिस्ट में सातवां स्थान टोयोटा कंपनी को मिला है। इसके बाद मर्सडीज कंपनी आठवें स्थान पर आई है।
मैकडोनाल्ड को नौवां और डिज्नी को दसवां स्थान मिला
उधर मैकडोनाल्ड को नौवां और डिज्नी को दसवां स्थान मिला है। फेसबुक के लिस्ट में शामिल नहीं होने पर यूएस बेस्ड सॉफ्टवेयर कंपनी सेल्सफोर्स के सीईओ मार्क बेनिऑफ ने इस सोशल नेटवर्किंग प्लेफॉर्म को ऐसी ‘नई सिगरेट’ बताया है, जो बच्चों की लत बन रही है।
फेसबुक में विश्वास 66 फीसद तक गिर गया
गौरतलब है कि फेसबुक प्राइवेसी उल्लंघन को लेकर यूएस फेडरल ट्रेड कमिशन (FTC) के सामने सेटलमेंट के रूप में 5 बिलियन डॉलर के भुगतान के लिए तैयार हुआ है। स्वतंत्र रिचर्स फर्म Ponemon इंस्टीट्यूट द्वारा 2018 में किये गए एक सर्वे के अनुसार, 87 मिलियन यूजर्स को प्रभावित करने वाले कैंब्रिज एनालिटिका डेटा स्कैंडल के बाद, यूजर्स का फेसबुक में विश्वास 66 फीसद तक गिर गया है।
लोग उनकी निजता के बारे में गहराई से सोच रहे
सर्वे के अनुसार, केवल 28 फीसद फेसबुक यूजर्स ही मानते हैं कि कंपनी प्राइवेसी को लेकर जिम्मेदार है। यह आंकड़ा पहले 79 फीसद था। रिसर्च फर्म ने बताया, ‘हमने पाया है कि लोग उनकी निजता के बारे में गहराई से सोच रहे हैं। लोग फेसबुक के प्राइवेसी उल्लंघन के मामलों के बारे में गंभीर हैं।’