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नारकोटिक्स विभाग में घूसखोरी के बड़े प्रकरण का खुलासा, कई अधिकारी गिरफ्तार

जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के चित्तौड़गढ़ में एसीबी ने एक बार फिर नारकोटिक्स विभाग पर शिकंजा कसा है। एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एसीबी ने अधीक्षक सुधीर यादव, उप निरीक्षक भानु प्रताप सिंह, हवलदार प्रवीण सिंह और वरिष्ठ सहायक रामविलास मीणा के आवास पर दबिश देकर घूसखोरी के एक बड़े प्रकरण का खुलासा किया है। एसीबी ने सर्च ऑपरेशन में मादक पदार्थों की खेप, नकदी और जेवरात बरामद किए हैं। फिलहाल इन सभी आरोपी अधिकारियों गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। एसीबी की टीम ने जाओ नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक सुधीर यादव के आदर्श कॉलोनी स्थित आवास पर दबिश और तलाशी की कार्रवाई को अंजाम दिया। सुधीर यादव के आवास से एसीबी को तकरीबन 85 हजार रुपये नगद, 13 लाख रुपये की एफडी, हरियाणा के भिवानी में पत्नी के नाम से 250 वर्ग गज का आवासीय भूखंड, करीब 180 ग्राम सोने के गहने मिले। इसके अलावा 3 बैंक खाते जिनमें करीब 5 लाख रुपए मिले हैं। 15 ग्राम स्मैक भी बरामद की गई है। इसी के आधार पर एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर सुधीर यादव को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही नारकोटिक्स विभाग के उप निरीक्षक भानु प्रताप के आनंद विहार स्थित आवास की तलाशी में 2.30 लाख से अधिक की नकदी बरामद की गई है। वहीं नारकोटिक्स विभाग के हवलदार प्रवीण सिंह के आवास पर तलाशी के दौरान 35000 रुपये नगद, 25 बोतल अंग्रेजी शराब और कोटा के महावीर नगर स्थित आवास पर 65 हजार रुपये नगद और कुल 7 बैंक खातों में 72 लाख रुपये जमा पाए गए हैं। एसीबी ने हवलदार प्रवीण सिंह को एक्साइज एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। वहीं नारकोटिक्स विभाग के वरिष्ठ सहायक रामविलास मीणा सहित मुखिया छगनलाल और काश्तकार किशन को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।                                           छगनलाल और किशन के घर से बड़ी मात्रा में अवैध रूप से भंडारण कर रखा गया मादक पदार्थ भी जब्त किया गया है। फिलहाल इस प्रकरण में एसीबी की जांच जारी है। एसीबी को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि नारकोटिक्स विभाग के चित्तौड़गढ़ में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दलाल और मुखिया के साथ मिलकर अफीम की खेती के निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन करते हुए अवैध संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिसकी एवज में मोटी रिश्वत के रूप में ली जा रही है। जिसके चलते एसीबी की टीम नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ मुखिया और दलाल पर भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए थे। एसीबी को जब यह सूचना मिली थी कि अफीम की फसल की अपरूटिंग की जा रही है और अपरूटिंग के दौरान ही नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा मिलीभगत कर दलाल व मुखिया के माध्यम से मापदंडों में गड़बड़ी करते हुए रिश्वत वसूली जा रही है। जिस पर टीम ने कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स अधिकारियों व कर्मचारियों के आवास पर दबिश की कार्रवाई को अंजाम दिया।

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