नई दिल्ली| वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) को 15 अक्टूबर तक अपना बकाया चुकाने को कहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक कंपनियों को अगली चार तिमाही में किए जाने वाले खर्च की योजना भी सौंपने को कहा गया है। सीतारमण ने सीपीएसई के 32 प्रतिनिधियों के साथ यहां एक बैठक की। उन्होंने बताया कि सभी लंबित बकाया हासिल करने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है। देय भुगतानों की निकासी की निगरानी के लिए 15 अक्टूबर तक एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जाएगा। मंत्री ने अगले 4 तिमाहियों के लिए सीपीएसई की अनुमानित पूंजी 15 अक्टूबर तक मांगी है। सरकार मध्यस्थता से संबंधित दावों की समीक्षा कर रही है और इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच एक बैठक आयोजित की जाएगी। पूंजीगत व्यय के संदर्भ में सरकार को उम्मीद है कि शेष वित्तीय वर्ष के लिए कुल सीपीएसई कैपिटल एक लाख करोड़ से अधिक होगी।
