जयपुर. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर मैनेजमेंट गुरू चार्ल्स हैंडी जयपुर रग्स के व्यवसाय मॉडल का अध्ययन करने के लिए इन दिनों भारत में हैं। हैंडी का मानना है कि जयपुर रग्स का बिसनेस मॉडल, टिकाऊ व्यापार मॉडल वाले उनके व्यापार दर्शन के साथ मेल खाता है । चार्ल्स हैंडी ने बिजनेस लीडर्स को संबोधित करते हुए कहा कि जयपुर रग्स का बिजनेस मॉडल बॉटम-अप सिस्टम पर काम करता है जो कि जमीनी स्तर के शिल्पकारों से जुड़ा है जबकि अन्य कपंनियों का बिजनेस मॉडल टॉप- बॉटम सिस्टम में काम करता है। जोकि कंपनी की सफलता के साथ समावेशी विकास की पंरपरा को दर्शाता है और यही समावेशी विकास का मंत्र भी है । जयपुर रग्स भारत के 600 गांवों में 40,000 से अधिक कारीगरों के साथ काम करते हुए उनके परिवारों को घर बैठे स्थायी आजीविका का मौका उपलब्ध करवाता है। गरीब समुदायों की आजीविका के साथ मौजूदा डिजाइनों को जोड़ते हुए जयपुर रग्स बुनकरों की कला को सीधे घरों में लाता है और इस तरह जयपुर रग्स के बनाए गलीचे सिर्फ गलीचे न होकर एक समूचे परिवार की आशीष की तरह है। जयपुर रग्स के बिजनेस मॉडल का अध्ययन करने के लिए हैंडी ने नंद किशोर चौधरी के साथ राजस्थान के विभिन्न गांवों में कारीगरों के कार्यस्थलों का दौरा किया। एक स्थायी व्यवसाय मॉडल के निर्माण को लेकर हैंडी ने नंद किशोर चौधरी के साथ उद्योग के 100 से अधिक लीडर्स को संबोधित किया और बताया कि सफल व्यवसायों के निर्माण का यही भविष्य है। जयपुर रग्स एक सामाजिक उद्यम है जिसने बिचौलियों को खत्म करने और कारीगरों के लिए मजदूरी सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया है।
