बेंगलुरु. शहर के बीच डेढ़ सौ साल पुराने एक बहुत ही नामी क्लब के तीन लॉकर कारोबारी और राजनीतिक हलकों में हलचल की वजह बने हुए हैं। इन लॉकर्स में करोड़ों रुपये नकद, हीरे-जवाहरात सहित अरबों रुपये की संपत्ति के कागजात मिले हैं। क्लब के एक सदस्य ने जब बैडमिंटन रूम के लॉकर्स की मेंबरशिप रिन्यू नहीं कराई तब यह खुलासा हुआ। ये लॉकर्स बोवरिंग इंस्टीट्यूट में थे। इंस्टीट्यूट ने कई बार मेंबरशिप रिन्यू के लिए रिमांइडर भेजे और कोई जवाब न मिलने पर लॉकर को दूसरे सदस्यों को देने के लिए पिछले सप्ताह खोलने का फैसला लिया गया। जब लॉकर खोले गए तो क्लब मैनेजमेंट उन्हें देख कर हैरान रह गया। ये तीनों लॉकर्स अधेड़ उम्र के लो प्रोफाइल रहने वाले व्यवसायी अविनाश अमरलाल कुकरेजा के नाम पर बुक हैं। इन लॉकर्स में 3.96 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी, 8 करोड़ से अधिक कीमत के हीरे और आभूषण, साइन किए हुए कई ब्लैंक चेक और 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के कागज मिले हैं। मैनेजमेंट ने तुरंत पुलिस को सूचना दी फिर आयकर विभाग को बुला कर सारी संपत्ति और कागज सौंप दिए गए। जब इसकी जानकारी लॉकर के मालिक अविनाश को हुई तो वो दौड़ता भागता क्लब पहुंचा और उसने अपनी संपत्ति वापस देने का आग्रह किया। क्लब के सेक्रेट्री के मुताबिक यहां तक कि वो पैरों में गिर कर कहने लगा कि नकदी रख कर भी उसे संपत्ति के कागज दे दिए जाएं। कुछ ही देर में एक और आदमी आया और उसने पांच करोड़ लेकर एक खास दस्तावेज देने की मांग की। जब क्लब मैनेजमेंट ने पुलिस और आईटी वालों को बुलाने की धमकी दी तो वो व्यक्ति भाग गया। इस तरह आज के मॉर्केट वैल्यु के हिसाब से एक हजार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति के कागज मिलने से शहर के कारोबारी और राजनीतिक हलकों में सनसनी फैल गई है। उनके मुताबिक इसमें राज्य के ताकतवर राजनेताओं की बेनामी संपत्तियों के कागज भी हैं। अविनाश बेंगलुरु में टायर का शोरूम चलाने वाला एक लो प्रोफाइल व्यवसायी है। उसका परिवार 1947 में बंटवारे के बाद पाकिस्तान के सिंध प्रांत से यहां आया था। उसके पिता एक बड़े व्यवसायी थे। अविनाश ने यूबी सिटी में 30 करोड़ कीमत का एक बड़ा सा फ्लैट भी खरीदा है जिसमें वो अपने परिवार को ले जाने की तैयारी में था।
