उक्तगोष्ठियों में क्षेत्रीय स्तर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की सभी शाखाओं ने हिस्सा लिया। इन गोष्ठियों व कार्यशालाओं में क्रियान्वित किए जाने लायक और नए-नए कई अनेक समाधान उभरकर सामने आए कि किस तरह से सामान्यत: पीएसबी अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकते हैं। इस सम्मेलन से प्राप्त विचारों एवं सुझावों को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले दो-दिवसीय परामर्शक प्रक्रिया के तीसरे चरण में राष्ट्र-स्तरीय विचार-विमर्शों में ले जाया जाएगा। राष्ट्र-स्तरीय विमर्शों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एमडी/ईडी, क्षेत्र विशेषज्ञ, विनियामक एवं वित्तीय संस्थाएं शामिल होंगी, जहां इंट्रा-बैंक एवं इंटर-बैंक प्रदर्शन और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ बैंकों की अनुरूपता पर प्रस्तुतियों एवं चर्चाओं के जरिए समीक्षा होगी।