दरअसल एमोजॉन के पास एंटिसिपेटरी शिपिंग का पेटेंट है। इसके जरिए कंपनी यह अंदाजा लगाएगी आप क्या ऑर्डर कर सकते हैं और वो प्रोडक्ट डिलीवरी के लिए पहले ही तैयार कर लेगी। हालांकि यह देखने वाली बात होगी कि कंपनी इसे कैसे अमल में लाती है। एमेजॉन ने एंटिसिपेटरी शिपिंग का पेटेंट 2014 में ही करा लिया था। कंज्यूमर बिहेवियर के आधार पर एमेजॉन अपनी यह रणनीति लागू करेगी।
क्या यह मुमकिन है?
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह मुमकिन है? फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, द इकोनॉमिस्ट के अमेरिकी बिजनेस एडिटर विजय वैथीस्वरन ने कहा, ये कंपनियां इन मामलों में आगे बढ़ेंगी क्योंकि इनके पास डाटा का भंडार है। हालांकि ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ती प्रतियोगिता के कारण कंपनियों की मुश्किल बढ़ गई है। अगर एमेजॉन इसे लागू कर लेता है तो ऑनलाइन शॉपिंग एक नए लेवल पर पहुंच जाएगी।