मुंबई. मुंबई हवाई अड्डे पर जेट एयरवेज के बेकार पड़े स्लॉट जारी किए जाने के बाद टाटा समूह के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी एयरएशिया इंडिया और विस्तारा ने मुंबई से 11 नई उड़ानों की घोषणा की है। ये स्लॉट इन विमानन कंपनियों को तात्कालिक आधार पर जारी किए गए हैं। जेट एयरवेज के बेड़े में शामिल कई विमानों के खड़े हो जाने से क्षमता में आई कमी को दूर करने के लिए मुंबई और दिल्ली के निजी हवाई अड्डा ऑपरेटरों और भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण ने विमानन कंपनियों के साथ कई दौर की बातचीत की। उड़ानों की संख्या घटने से किराये में वृद्धि हो सकती है जिससे हवाई अड्डे भी प्रभावित हो सकते हैं। कम उड़ानों का मतलब कम राजस्व है क्योंकि इससे लैंडिंग शुल्क और यात्रियों की संख्या में कमी आएगी। बड़े पैमाने पर जेट एयरवेज की उड़ानें रद्द होने से इस विमानन कंपनी के बेड़े में शामिल करीब 70 फीसदी विमान खड़े हो चुके हैं। जेट एयरवेज मुंबई की प्रमुख विमानन सेवा है और उसकी दैनिक उड़ानों की संख्या 140 से घटकर महज 24 रह गई है। दिल्ली हवाई अड्ड जेट एयरवेज के स्लॉट संबंधी मुद्दे को अंतिम रूप दे रहा है। मुंबई हवाई अड्डा द्वारा निजी क्षेत्र की अन्य विमानन कंपनियों को भी इन स्लॉटों की पेशकश की गई लेकिन नई उड़ानों की घोषणा होना अभी बाकी है। समय सारणी में बदलाव विमान की उपयोगिता, पायलट की उपलब्धता आदि कारकों पर निर्भर करता है। जेट एयरवेज के विमान खड़े होने के मद्देनजर ये स्लॉट तात्कालिक आधार पर अन्य विमानन कंपनियों को जारी किए जा रहे हैं। एक सूत्र ने बताया कि विमानन कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे उन्हीं मार्गों पर उड़ान शुरू करें जहां जेट एयरवेज अपनी सेवाएं दे रही थी। इससे उन मार्गों पर क्षमता बरकार रखने में मदद मिलेगी। विस्तारा ने आज मुंबई-बेंगलूरु के बीच पांच नई उड़ानों की घोषणा की। साथ ही वह मुंबई से हैदाराबाद और कोलकाता के लिए एक अतिरिक्त उड़ान का भी संचालन करेगी। इन उड़ानों का संचालन 16 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच होगा। फिलहाल यह विमानन कंपनी मुंबई से दिल्ली और अमृतसर के लिए उड़ान भरती है।मुंबई से इन अतिरिक्त उड़ानों के लिए विस्तारा अनय मार्गों पर अपनी उड़ानों की संख्या घटाएगी। एयरएशिया इंडिया ने मुंबई से बेंगलूरु के लिए तीन अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की है। इसके अलावा वह मुंबई से कोच्चि के लिए भी 15 अप्रैल से नई उड़ान शुरू करेगी। विमानन कंपनी ने यह नहीं बताया है कि इन उड़ानों का परिचालन कब तक जारी रहेगा। पिछले महीने नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने विभाग के सचिव प्रदीप खरोला से कहा था कि वह जेट एयरवेज के विमानन खड़े होने के कारण उड़ान के रद्द होने, रिफंड और सुरक्षा पर प्रभाव की समीक्षा करें। जेट एयरवेज ने मंत्रालय को सूचित किया था कि वह अप्रैल के अंत तक 75 विमानों का परिचालन करेगी जो फिलहाल 30 से भी कम है।
