प्रदूषण के मामले में विश्व के 100 शहरों में शामिल राज्य के 5 शहर, बावजूद मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं किए गए स्थापित।
जयपुर. राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को राज्य में प्रदूषण के नियंत्रण, निवारण और कमी का जिम्मा दिया हुआ है और विश्व के शीर्ष 100 प्रदूषित शहरों की सूची में राजस्थान के पांच अलवर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर है जो सबसे ज्यादा प्रदूषण फैला रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मण्डल (केंद्रीय मण्डल) द्वारा इन्हें गैर-प्राप्ति शहरों में माना गया है। बावजूद राज्य में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग की कोई व्यवस्था ही नहीं है। इन शहरों में पिछले तीन वर्षों की अवधि में राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा नहींं किया। सबसे बड़ी बात इन शहरों में प्रदूषण के स्रोतों की पहचान और मात्रा के लिए स्रोत विभाजन का अध्ययन तक नहीं कराया गया यानि प्रदूषण का स्तर कितना है, कितना होना चाहिए और इसके रोकथाम कैसे होनी चाहिए, इसके बारे में विभाग में कोई जानकारी नहीं है। वायु अधिनियम की धारा 17 के अनुसार, राज्य मण्डल को वायु प्रदूषण के निवारण, नियंत्रण तथा कमी के लिए कार्यक्रमों के लिए प्लांनिंग करी जानी थी परंतु विभाग ने वो भी आयोजित नहीं किए। राज्य मंडल का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं और मानव संसाधनों की कमी के चलते वायु गुणवत्ता की निगरानी करना संभव नहीं है। अगर ऐसा है तो राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल का कार्य सिर्फ एनओसी तक ही सीमित है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहन, इंडस्ट्रीज की मॉनिटरिंग भी अत्यंत जरूरी है परंतु विभाग इस ओर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। यहां तक की जिन शहरों में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किए गए उनकी जगह ही गलत चुनी गई। विभाग को ऐसे सिस्टम ऐसी जगह स्थापित करने चाहिए थे जहां पर सही तरीके से आकड़े एकत्रित किए जा सके परंतु विभाग ने कई जंगल तो कई हरियाली की जगह मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित कर दिए जिसकी वजह से विभाग को सही आकड़े तक नहीं मिल पाए।
