नई दिल्ली। देश में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर रविवार से भले ही संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के कड़े प्रावधान लागू हो जाएं, लेकिन प्रदेश में अभी लागू नहीं हो पाएंगे. केंद्र के इस एक्ट को प्रदेश के परिवहन विभाग ने अभी लागू करने से मना कर दिया है. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का तर्क है कि दुर्घटना रोकना सरकार का मकसद है, लेकिन भारी जुर्माना बढ़ने से भ्रष्टाचार बढ़ेगा. हालांकि अब संशोधन के साथ नए व्हिकल एक्ट को राजस्थान में लागू करने की तैयारी में है.
33 विषयों में से 17 की कम्पाउंडिंग फीस (Compounding fees) कम
नए मोटर व्हीकल एक्ट को प्रदेश में लागू करने को लेकर चल रहे विवाद पर अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) ने दखल दी है. सीएम गहलोत ने परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap singh khacriyawas) और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ मोटर वाहन अधिनियम में संशोधनों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में निर्णय लिया गया कि शुरूआत में प्रदेश सरकार यातायात उल्लंघन के नियमों के तहत आने वाले 33 विषयों में से 17 की प्रशमन राशि (कम्पाउंडिंग फीस) कम रखेगी. 16 गंभीर प्रकृति के अपराधों में कोई छूट नहीं है. केंद्र के संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर राजस्थान सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कहा- एक्ट को लेकर केन्द्र सरकार से किसी तरह का टकराव नहीं है. एक्ट को लागू होने से नहीं रोक सकते, परंतु इसमें शामिल जुर्माना राशि को कम करने का सरकार के पास अधिकार है. इसके तहत भारी जुर्माना राशि में कुछ हद तक कमी की जाएगी. राशि कितनी कम करते हैं यह सोमवार को समीक्षा बैठक में पता चल सकेगा. खाचरियावास ने कहा कि सरकार का भी पहला मकसद सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है. दूसरा भ्रष्टाचार नहीं हो. एक्ट में ऐसे प्रावधान नहीं होने चाहिए जो लोगों में दहशत पैदा करें. आर्थिक मंदी को दौर में केंद्र सरकार लेने का ही काम कर रही है. देने का भी काम करे. लोगों को अपील है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें.